अब्सारों का तारा

Contents1 पहली ही नज़र ने कैसे दिल का वो रिश्ता बनाया जिसने मुझे उसकी आंखों का दीवाना बनाया आखरी सांस तलक अब तो ये छुड़ाए न छूटे ख़ुदा या तूने कैसा ये दिल का बंधन बनाया दे गयी ज़ख्म जो उसकी मासूम सी निग़ाहें क्यूँ फिर उसके होने के अहसास को मरहम बनाया जब होना … Continue reading अब्सारों का तारा