मेरे ख्वाबों की सहजादी :- हिंदी शायरी By “मल्हार”

मेरे ख्वाबों की सहजादी

हिंदी शायरी :- Dedicated to her… who ruined me

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मेरे ख्वाबों की सहजादी तुम

 रागिनी “मल्हार”की तुम

कहती हो भूल जाऊँ मैं तुझको

पर इस दिल की तो सहजादी तुम

छाया हो जैसे घनघोर अंधेरा

पर अंधियारे की उजयारी तुम

“मल्हार”क्यूँ ढूंढे बस तुझको ही

क्योंकि “मल्हार”की कस्तूरी बस तुम

जैसे सरगम मल्हार बजाये

तो प्रथम स्वर उसमे हो तुम

मेरे ख़्वाबों की सहजादी तुम

मेरे अरमानों की बर्बादी तुम 

“मल्हार”

 

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