मेरी हयात

 Love shayari in hindi

मुफ़्लिसी में कट रही है जिंदगी तो क्यों छोड़ जाती हो मुझको
तन्हा होकर रोयेगी याद करेगी एक दिन मेरी हयात मुझको
ख्बाबों के किसी मोड़ पर मिलेंगे जब अजनबी बनकर कभी
सीने से लगाकर यादों में खोकर गले तो लगा ले मुझको अभी
मिलेंगे अगर कभी कहीं तन्हा खड़ी इस भीड़ में
कर लेना गुफ़्तगू मेरे ख्वाबों में आकर चाँदनी रात में
‎‎रोशनी मेरे चिरागों की है कम अभी तो क्या हुआ
मेरे बुझने तलक रहेगा हर लम्हा तेरे इंतजार में
हर लम्हा तेरे इंतजार में..

मौलिक

“मल्हार”
Love shayari in hindi

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