“तेरा साथ”

तेरा मेरा साथ अगर हो जाये
तो जीना मेरा पुख़्ता हो जाये
धूप कभी गर लगे जो मुझको
छांव तेरी जुल्फों का हो जाये
ना कोई वादा ना कोई कसमें
निभाते चलें बस प्यार की रस्में
सांस अधूरी धड़कन अधूरी
जब तुम ना थे तब हम अधूरे
पूरा है अब चाँद फलक पर
अब तू भी पूरा में भी पूरा

रोहित डोबरियाल

“मल्हार”

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