“तेरी यादें”

एक बहुत अच्छा दिन गुजरते-गुजरते रह गया
तुमसे मिलके भी मिलना बाकि रह गया

जिंदगी की सड़क पर अब अकेले मैं यहाँ
वो कहीं भी नहीं हैं बस उनकी यादें यहाँ

तुम मिले थे जब लगा जिंदगी मिल गयी
तुम नही अब यहाँ जिंदगी भी अब कहाँ

दिल में तुमको बसा के अब भी मैं हूँ यहाँ
मैं तो हूँ ही यहाँ पर तू अब न जाने कहाँ

जिंदगी की सड़क पर अब अकेले मैं यहाँ
वो कहीं भी नहीं हैं बस उनकी यादें यहाँ

एक बहुत अच्छा दिन गुजरते-गुजरते रह गया
तुमसे मिलके भी मिलना बाकि रह गया

रोहित डोबरियाल
“मल्हार”

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