ये कैसे और क्यूँ हो गया

Love shayari in hindi

ये क्यूँ और कैसे हो गया हद में रहकर भी बेहद हो गया

था कभी जो नज़रों और ख्वाबों में

ना जाने अब क्यूँ ओझल हो गया

चाहूँ मैं उसको जितना ज्यादा

वो दूर क्यूँ मुझसे उतना हो गया

ये क्यूँ और कैसे हो गया

हद में रहकर भी बेहद हो गया

सोचा भूल जाऊँ अब उसे मैं

पर वो क्यूँ मेरी रूह में बस गया

लौट-लौट कर आती हैं यादें तेरी

क्यूँ हर लम्हा मेरा तेरे नाम हो गया

पाना क्यूँ मेरे लिए तुझको

तन्हा सा इक ख्वाब हो गया

ये इश्क़ हुआ है जो मुझको

ना जाने कब और कैसे हो गया

ये क्यूँ और कैसे हो गया

हद में रहकर भी बेहद हो गया

हद में रहकर भी बेहद हो गया….

“मल्हार”

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